गजल
तारानंद वियोगी
की जल्दी की देरी बाबा
सब धन बाइस पसेरी बाबा
राजा-नाम सु-राजा जानू
देसक नाम नशेडी बाबा
साधू चोर, गिरहकट नायक
चोरी, तुम्माफेरी बाबा
नेता छी ई, माया बुझियौ
नै तेरी, नै मेरी बाबा
थोक-भाव सं देखू सपना
टूटत बेरा-बेरी बाबा
Tuesday, April 27, 2010
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1 comments:
नेता छी ई, माया बुझियौ
नै तेरी, नै मेरी बाबा
.... बहुत सुंदर पंक्तियाँ
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